बस्ती,मांगे ना माने जाने पर लेखपाल संघ ने अतिरिक्त हलको का चार्ज किया वापस

        बस्ती,विगत कई वर्षों से उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी 8 सूत्रीय मांगो को लेकर शासन प्रशासन से लगातार माँग करते रहे लेकिन उनकी जायज मांगो पर ध्यान तक नहीं दिया गया। लेखपाल संघ द्वारा गत 21 सितम्बर तक अंतिम चेतावनी के रूप में शासन और प्रशासन को अवगत कराया गया था किन्तु इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
जिससे आहत लेखपाल संघ की तहसील इकाई रुधौली ने 22 सितम्बर से कलम बन्द हड़ताल पर चले गये है। बस्ती जनपद के जिलामन्त्री अंकित चौधरी ने मीडिया रिपोर्ट में बताया है कि अपनी 8 सूत्रीय मांग जिसमें मण्डल स्तर पर स्थानांतरण, यात्रा भत्ता, 2800 रूपये ग्रेड पे सहित कई मांगे शामिल है। जिलामंत्री ने बताया कि लेखपाल अतिरिक्त हल्को का कार्य पूरी तरह से छोड़ दिए है। अतिरिक्त हलको के राजस्व अभिलेखों को जमा कर दिया गया है।
रुधौली तहसील में कुल 31 अतिरिक्त हलको की जिम्मेदारी इन्ही लेखपालों पर थी। तहसील अध्यक्ष पंकज सिंह व मंत्री प्रमोद चौधरी ने बताया कि तहसील रुधौली के लगभग 121 गांव का आय, जाति निवास वरासत, हैसियत प्रमाण पत्र, ई डब्ल्यू एस प्रमाण पत्र, अंश संसोधन सहित समस्त कार्य 22 सितंबर से बाधित हो चुके है। लेखपाल संघ के जिलामन्त्री ने बताया कि पूरे जनपद बस्ती की 4 तहसील में लगभग 550 गांव के समस्त शासकीय कार्य प्रभावित हुए है।
अंकित चौधरी का कहना है कि यदि उच्च स्तर पर मांगो पर सहमति नहीं बनी व आवश्यक कार्यवाही नहीं हो सकी तो अतिरिक्त हल्को के साथ साथ सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार की रणनीति अपनाई जाएगी।
ऐसे गंभीर मामले को देखते हुए शासन स्तर पर गहन विचार किये जाने की आवश्यकता है। अन्यथा छात्रों किसानों को कई समस्याओं से जूझना पड़ेगा

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