बस्ती,बस्ती जनपद में दलालों के चंगुल में उलझा बस्ती का आर०टी०ओ० कार्यालय
बस्ती,सरकार भली ही जीरो टालरेंस की ढोल पीट रही है पर हकीकत यही है कि न तो भ्रष्टाचार कम हुआ है और न ही भ्रष्टाचारी । भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों की हकीकत व कारगुजारियों का पता बस्ती के आरटीओ कार्यालय कभी भी जाकर लगाया जा सकता है क्योंकि यहाँ बिना दलाली दिए कोई भी कार्य संभव नहीं है । दलालों के कारगुजारियों की कुछ गतिविधियाँ परिसर में लगे तीसरी आँख में भी कैद भी होती है परन्तु निर्धारित सुविधा शुल्क के बदले जिम्मेदार चुप्पी साधे रहते हैंमिली जानकारी के अनुसार सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने व प्रक्रिया को सुगम व पारदर्शी बनाने की मंशा से आरटीओ कार्यालय की ज्यादातर गतिविधियाँ आनलाइन कर दिया है परन्तु भ्रष्टाचारियों ने व्यवस्था में सेंध लगाते हुए सरकारी मंशा को तार - तार करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है और यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि बस्ती का आरटीओ कार्यालय दलालों के मकड़जाल में उलझ गया है। और कोई भी काम बिना दलाली दिए संभव नहीं हो पा रहा है । जिम्मेदारों ने सुविधा शुल्क के बदले भ्रष्टाचारियों के आगे घुटने टेक दिया है और मजबूरी में सीधी व भोली भाली जनता दलालों के हाथ लुटने को मजबूर है
Post a Comment
0 Comments