बस्ती,भीषण गर्मी का हीट वेव से आम जनजीवन पर गहरा संकट , डॉ वी.के वर्मा
बस्ती,भीषण गर्मी का हीट वेव से आम जनजीवन पर गहरा संकट – डॉ वी.के वर्माविश्व के कई देशों में भीषण गर्मी और हिट वेव ने मानव जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है. रोजाना बढते तापमान, गर्म हवा और तेज धूप ने आम जनजीवन की परेशानियां बढ़ा दी हैं. सुबह से लेकर शाम तक तेज धूप और दोपहर में चलने वाली लू के कारण सड़के खाली नजर आ रही है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले समय में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है इससे बचने के लिए लोग अपने घर में सुरक्षित रहे.
तेज गर्मी से मौसम व स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
हमारे उत्तर भारत के कई राज्यों में शहरों के तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच चुका है. इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूरों को पड़ रहा है. गर्मी को देखते हुए लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है और सार्वजनिक स्थान जैसे बस स्टैंड, बाजार अन्य कई स्थानों पर लोगों की भीड़ कम दिखाई दे रही है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हीट वेव एक ऐसी स्थिति है जब तापमान सामान्य स्थिति से अधिक हो जाता है और गर्म हवाएं तेजी से, लंबे समय तक चलती है. हीट वेव की यह स्थिति मानव जीवन के लिए काफी खतरनाक साबित सिद्ध हो सकती है. भीषण गर्मी के प्रभाव से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, डिहाइड्रेशन, कमजोरी, हेयर स्ट्रोक जैसे ही समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैंस्वास्थ्य विभाग ने गर्मी व हीट वेव को देखते हुए एडवाइजरी जारी किया और कहा कि दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक धूप में निकलने से बचें. चिकित्सकों का कहना है कि भीषण मौसम में अपने शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत ही जरूरी है इसलिए हमें अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए. नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहना चाहिए. इस समय हमें हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना चाहिए और सिर पर टोपी रखकर या छाता लेकर बाहर निकलना चाहिए ताकि हम तेज धूप से प्रभावित न हो सके. विशेष रूप से बच्चों और बूढ़ों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है और जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर, हार्ट और शुगर जैसी बीमारियां हैं उन्हें इस गर्मी में कम से कम बाहर निकलना चाहिए.
प्रदूषण और वनों की कटाई ही हीट वेव का सबसे बड़ा कारण
भीषण गर्मी और हीट वेव का प्रभाव केवल स्वास्थय पर ही नहीं बल्कि बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है. आज के समय में लगातार बढ़ती बिजली की मांग के कारण कई क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या उत्पन्न हो रही है. हम लोग कूलर, पंखा और एयर कंडीशनर का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं जिसकी वजह से बिजली की खपत काफी अधिक हो रही है. दूसरी तरफ कई इलाकों में पानी की कमी की शिकायत भी देखने को मिल रही है. इतना ही नहीं बल्कि किसानों के लिए भी यह मौसम चिंता का विषय बन चुका है. पहले लगातार बारिश और अब तेज गर्मी के कारण फसले प्रभावित होती जा रही हैंग्रामीण इलाकों में पशुओं को गर्मी से बचने के लिए उनके लिए छांव और पर्याप्त पानी की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है. नगर निगम में प्रशासन की तरफ से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. सार्वजनिक स्थानों पर पानी की व्यवस्था करने की आवश्यकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते गर्मी और हीट वेव का एक बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन भी है क्योंकि लगातार प्रदूषण, पेड़ों की कटाई व शहरीकरण के कारण तापमान में वृद्धि होती जा रही है. अगर आज पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में हीट वेव के स्थिति और भी अधिक गंभीर हो सकती है।
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