बस्ती, यूरिया खाद की हो रही काला बाजारी
बस्ती,यूरिया खाद की हो रही कालाबाजारी,किसानों की जेब पर बढ़ रहा भार,
क्षेत्र में चोरी-छिपे निर्धारित मूल्य से 100 से 150 रुपए अधिक राशि लेकर खाद बेचा जा रहा है
पिछले दिनों रूक रूक लगातार बारिश होने के साथ खेतों में लगी धान की लहलहाती फसलों को पुष्ट करने के लिए किसानों को यूरिया खाद की जरूरत पड़ने लगी है। यूरिया की एकाएक बढ़ी मांग से इसकी किल्लत होने लगी है। आरोप है कि इसी परििस्थति का फायदा उठाते हुए यूरिया की कालाबाजारी जोर पकड़ रही है।किसानों का कहना है कि इन दिनों यूरिया खाद के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। आरोप है कि खाद विक्रेताओं की ओर से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूल कर कालाबाजारी की जा रही हैं। इससे उनकी जेब पर अतिरिक्त भार बढ़ रहा है।क्षेत्र की कई दुकानों पर अधिकृत विक्रेता किसानों को खाद नहीं होना बताते हैं, वहीं चोरी-छिपे निर्धारित मूल्य से 100 से 150 रुपए अधिक राशि लेकर खाद बेचा जा रहा है।
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