15 से 30 तक अभियान चला कर निःशुल्क बनाया जायेगे कार्ड

     प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए 15 से 30 सितम्बर तक आयुष्मान पखवाड़ा चलेगा। इस कार्ड के रहने पर समय से इलाज शुरू हो जाता है। अभियान के दौरान उन लाभार्थियों का कार्ड निःशुल्क बनाया जाएगा जिनका सूची में पहले से नाम है । सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 की सूची के जरिये चयनित लाभार्थियों के साथ सभी अंत्योदय कार्ड धारक,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, मान्यता प्राप्त पत्रकार, तीन तलाक पीड़ित महिलाएं और श्रम विभाग की ओर से चयनित श्रम कार्ड वाले भवन निर्माण से जुड़े श्रमिक ही योजना के लाभार्थी हैं। कार्ड बनाने के कैंप के बारे में आशा कार्यकर्ता, पंचायत सहायक और कोटेदार की भी मदद ले सकते हैं।

जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे के दिशा निर्देशन में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ संचिता मल्ल,जिला सूचना तंत्र प्रबंधक शशांक शेखर और जिला ग्रीवांस मैनेजर विनय पांडेय को आयुष्मान पखवाड़े के सफल आयोजन की जिम्मेदारी मिली है । नोडल अधिकारी ने बताया कि पखवाड़े के दौरान शिविर का आयोजन स्थानीय जनप्रतिनिधियों खासतौर से पंचायती राज निकायों से जुड़े जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। लक्षित लाभार्थियों की सूची ग्रामसभावार और नगरीय क्षेत्र में वार्डवार वितरित की गयी है। कैंप से पहले पंचायत सहायक, कोटेदार आशा कार्यकर्ताओं को लक्षित परिवार को सूचना देने की जिम्मेदारी दी गई है।डॉ सिंह ने बताया कि राशन कार्ड और आधार कार्ड की मदद से आशा कार्यकर्ता द्वारा फेस आथेंटिकेशन एप के जरिये भी आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है और उसका प्रिंट पंचायत सहायक के जरिये हासिल किया जा सकता है । अभियान के दौरान लगने वाले कैंप में विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर (वीएलई), आरोग्य मित्र, पंचायत सहायक और सीएचओ की मदद से कार्ड बनाये जाएंगे । एक व्यक्ति का कार्ड जेनरेट करने पर इन लोगों को पांच रुपये जबकि एक से अधिक व्यक्ति का कार्ड जेनरेट करने पर प्रति परिवार 10 रुपये देने का प्रावधान भी है। अगर किसी गांव या वार्ड में लाभार्थियों की संख्या 50 से अधिक है तो वहां एक से अधिक दिवसों पर कैंप लगाए जाएंगे । ऐसे स्थानों पर एक ही दिन में दो कैंप भी लगाए जा सकेंगे । कैंप का वीएलई सेंटर पर होगा। पंचायत सहायक और कोटेदार लाभार्थियों को कैंप स्थल तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

पहले से कार्ड न होने पर होती है दिक्कत

खोराबार ब्लॉक के सीताराम (83) का दुर्घटना में 26 मई को कुल्हा सरक गया और दाहिना हाथ भी टूट गया । उनके पूरे परिवार के पास आयुष्मान भारत योजना की पात्रता का पत्र तो था लेकिन आयुष्मान कार्ड किसी ने नहीं बनवाया था । सीताराम के बेटे निखिलेश (38) बताते हैं कि जब पिता को अस्पताल ले गये तो भर्ती करके इलाज तो शुरू हो गया लेकिन आयुष्मान कार्ड न होने के कारण सर्जरी आठ दिन बाद संभव हो सकी । कार्ड बनने के बाद उनके पिता की सर्जरी निःशुल्क हुई और इलाज के बाद डिस्चार्ज होकर घर आ चुके हैं । इलाज के दौरान समय की बचत के लिए आवश्यक है कि आयुष्मान कार्ड पहले बनवा लिया जाए ।

जिले में योजना की स्थिति

कुल लाभार्थी परिवार-4.38 लाख
कुल लाभार्थियों की संख्या-20.16 लाख
कार्ड बनवा चुके लाभार्थी-5.47 लाख
योजना का लाभ ले चुके लाभार्थी-81576
योजना के तहत संबद्ध अस्पतालों की संख्या-134

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