बस्ती,एनएचएम के कर्मचारी अपनी उपेक्षा से आहत हो तालेबंदी एवं सड़कों पर उतरने को मजबूर

    बस्ती,एनएचएम संविदा के सबसे पुराने एवं प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की वरीयता प्राप्त राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मचारी अपनी उपेक्षा से आहत हो तालेबंदी एवं सड़कों पर उतरने को मजबूर है। प्रदेश महामंत्री  अमित तोमर  ने प्रेस को बताया की क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में वर्ष 2013 में मूल वेतन बढ़ा था तबसे सिर्फ़ वार्षिक आंशिक लाभ ही दिया गया है और क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के कई सँवर्गो का वेतन बहुत ही कम है जिससे जीवन यापन भी कठिन है। उसपर हज़ारों पद रिक्त है और पिछले कई वर्षों से नियुक्तिया लम्बित है और उन हज़ारों रिक्त पदों का काम भी बिना किसी अतिरिक्त लाभ इन्ही कर्मचारियों से लिया जा रहा है ।
 कम वेतन और अत्यधिक कार्य से कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो चुका है साथ ही प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती सुनयना अरोरा ने भी यह कहा कि 25 जनवरी 2019 में हड़ताल के पश्चात हुई विभागीय बैठक में पूर्व मिशन निदेशक द्वारा लिखित सहमति दी गई थी की क्षय रोग के कर्मचारियों के 25 वर्षों के सेवा काल को देखते हुए उनको अतिरिक्त लॉयल्टी का लाभ देने का प्रपोज़ल केंद्र को भेजा जाएगा परंतु लगातार पत्रव्यवहार के बाद भी आजतक कोई कार्यवाही नही हुई है संगठन के संयोजक संजय सिंह ने कहा कि टी बी के कर्मठ कर्मचारियों ने कोविड काल में अपनी जान की परवाह न कर प्रदेश में अहम भूमिका निभाई और महामारी में जान गवाने वालों को अभी तक प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित बीमा राशि भी नही मिली है इससे कर्मचारी सभी मूलभूत सुविधाओ से वंचित एवं कुंठित है अपने अधिकारों की आवाज़ विभाग सरकार तक पहुँचाने के लिए हड़ताल उनकी मजबूरी हो गई है क्यूँकि लम्बा इंतज़ार और विभागीय भागदौड़ से कर्मचारियों में निराशा व्याप्त हो गई है।
वही बस्ती मंडल अध्यक्ष संजय पाण्डेय  एवं जिलाध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि हम सभी कि मांगों पर सरकार विचार कर जल्द से जल्द फैसला करे 

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