सड़क हादसों का कहर: 3 दिन में पिता-पुत्र की मौत से उजड़ गया परिवार, क्षेत्र में शोक की लहर



करनैलगंज /गोण्डा - स्थानीय कोतवाली क्षेत्र में सड़क हादसों ने एक ही परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। महज तीन दिनों के भीतर पिता और पुत्र की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
घटना ग्राम पंचायत परसा गोंडरी के मजरा छोटीपुरवा की है, जहां के निवासी 28 वर्षीय रामजी दुबे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रामजी किसी काम से बाहर गए थे, तभी रास्ते में अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। इस दुखद घटना को और भी मार्मिक इसलिए बना देता है क्योंकि महज तीन दिन पहले ही रामजी के पिता हृदय नारायण दुबे की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। पिता की मौत का गम अभी परिवार सहन भी नहीं कर पाया था कि बेटे की असामयिक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

वाहन की पहचान, पुलिस ने शव को लिया कब्जे में

पुलिस जांच में दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान कर ली गई है। बताया जा रहा है कि वाहन चालक चिलबिला डीहा, कोतवाली देहात क्षेत्र का निवासी है। संबंधित वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में परिजनों की ओर से तहरीर प्राप्त हो गई है और पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए गोंडा भेज दिया गया है। गांव के लोगों के अनुसार, यह परिवार पहले ही आर्थिक और सामाजिक रूप से साधारण स्थिति में जीवन यापन कर रहा था। अब लगातार दो मौतों ने परिवार को पूरी तरह से बेसहारा बना दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
यह हृदयविदारक घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक लापरवाही और अव्यवस्था के चलते निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी। परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है—हर आंख नम है।

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